लखनऊ: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 आज यानी 1 नवंबर को प्रदेश के कई जिलों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार करीब 38 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी और प्रत्येक पाली में लगभग 19 हजार परीक्षार्थियों के बैठने की संभावना है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं, दूर-दराज के जिलों में केंद्र आवंटित होने को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने भी स्थिति स्पष्ट की है।
दो पालियों में होगी परीक्षा, हर शिफ्ट में 19 हजार अभ्यर्थी
UPSSSC PET 2026 का आयोजन रविवार को दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। दोनों पालियों में करीब 19-19 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। इस तरह कुल लगभग 38 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
दो घंटे में हल करने होंगे 100 बहुविकल्पीय सवाल
PET परीक्षा में अभ्यर्थियों को कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों के जवाब देने होंगे। प्रश्नपत्र हल करने के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले प्रवेश पत्र पर दर्ज परीक्षा केंद्र का पूरा पता और रिपोर्टिंग समय अच्छी तरह देख लें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
एडमिट कार्ड और पहचान पत्र के बिना नहीं मिलेगी एंट्री
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ वैध पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य है। सभी परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रवेश प्रक्रिया और जरूरी जांच पूरी करने के लिए पर्याप्त समय रखना जरूरी होगा। बिना आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था
परीक्षा में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लखनऊ समेत विभिन्न परीक्षा वाले शहरों में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। रेल और बस परिवहन के जरिए परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भी इंतजाम किए गए हैं।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे यातायात और सार्वजनिक परिवहन में संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। आखिरी समय में पहुंचने की जल्दबाजी से बचने के लिए परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना जरूरी है।
दूर परीक्षा केंद्र आवंटित होने पर आयोग अध्यक्ष ने बताई वजह
परीक्षा केंद्रों के आवंटन को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतों पर आयोग अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने व्यवस्था का कारण बताया है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र काफी बड़ा है और प्रदेश के एक छोर से दूसरे छोर तक की दूरी करीब 1,100 किलोमीटर है। लगभग 35 लाख अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध परीक्षा केंद्रों के आधार पर व्यवस्था तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल के बनारस, आजमगढ़, बलिया और जौनपुर जैसे जिलों में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक है, जबकि वहां परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता अपेक्षाकृत कम है। इसके विपरीत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के साथ परीक्षा केंद्र अधिक हैं। इसी असमानता और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए जरूरत के अनुसार अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।
लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट और VDO भर्ती के लिए PET जरूरी
उत्तर प्रदेश में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित PET कई सरकारी भर्तियों के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा है। इसे उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी आयोग की ओर से आयोजित संबंधित ग्रुप-B और ग्रुप-C पदों की भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल होने के पात्र बनते हैं। इनमें लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) जैसे पद शामिल हैं।
दूर सेंटर मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
प्रवेश पत्र जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर नाराजगी जताई है। परीक्षार्थियों का कहना है कि PET सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया का शुरुआती स्क्रीनिंग टेस्ट है, न कि नियुक्ति के लिए अंतिम परीक्षा। ऐसे में दूर-दराज के जिलों में केंद्र आवंटित होने से उन्हें यात्रा, ठहरने और आर्थिक खर्च जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के आवंटन में राहत देने की मांग कर रहे हैं।
